14 जनवरी को मनाया जाएगा श्रीगणेश गौशाला के साथ ही शहर के मंदिरों में मकर संक्रांति पर्व।
शहर के मंदिरों में भी 14- 15 जनवरी को मनाया जाएगा संक्रांति पर्व।
खंडवा । जिस दिन भगवान सूर्यनारायण देवता उत्तर दिशा की तरफ प्रयान करते हैं उस दिन उत्तरायण मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म का यह एकमात्र पर्व है जो तारीख के अनुरूप 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन से अंधकारमयी रात्रि कम हो जाती है और प्रकाशमय दिवस बढ़ जाता है, समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि विद्वान पंडितों के अनुसार मकर संक्रांति पर 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। प्रमुख रूप से श्रीगणेश गौशाला में 14 जनवरी बुधवार को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। मकर संक्रांति को भव्य रूप से मनाने हेतु श्रीगणेश गौशाला में विगत दिनों मातृशक्ति की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में मातृ शक्ति एकत्रित होकर पर्व को मनाने का निर्णय हुआ था। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व पर खंडवा के मंदिरों में प्रातः काल श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति मंदिर पहुंचकर दर्शन कर मंदिर में उपस्थित महिलाओं को हल्दी कुमकुम लगाकर तिल्ली के लड्डू खिलाती है, साथ ही दान स्वरूप खिचड़ी भी गरीबों को वितरित की जाती है। प्रमुख रूप से विट्ठल मंदिर बजरंग चौक स्थित मुनी बाबा मंदिर मैं श्रद्धालु प्रातः काल दर्शन कर गौ माता को गोग्रास भी खिलाते हैं, मकर संक्रांति का पर्व मुख्य रूप से तिल के लड्डू की मिठास एवं दान पुण्य का दिन है, खंडवा की प्राचीन श्री गणेश गौशाला में प्रति वर्ष इस वर्ष भी धार्मिक संस्कृति अनुसार मकर संक्रांति पर्व पर प्रातः काल श्रद्धालु पहुंचकर गौ माता का पूजन कर, हरा चना, गुड़, गो ग्रास खिलाते हैं एवं उपस्थित महिलाये एक दूसरे को हल्दी कुमकुम कर तिल्ली के लड्डू खिलाकर सुहाग सामग्री आदान-प्रदान करती हें। गौशाला के अध्यक्ष राकेश बंसल,सचिव रामचंद्र मौर्य,भूपेंद्र सिंह चौहान, आशीष चटकेले, सुनील जैन ने सभी श्रद्धालुओं से मकर संक्रांति पर्व पर आयोजित गौशाला के कार्यक्रम में उपस्थित होकर पुण्य प्राप्त करने का अनुरोध किया है।












